Attention! Please enable Javascript else website won't work as expected !!

Daily Tippani | Shrinathji Temple, Nathdwara

Tithi Tippani Date Shringar Utsav
Ekam, 2076, Ashwin, Krushna Paksh 15-Sep-2019 पिछोड़ा लाल पिलो लहरिया को।श्रीमस्तक पे गोल पाग।ठाड़े वस्त्र मेघ स्याम।पिछवाई वस्त्र जैसी,लहरिया की।
Duj, 2076, Ashwin, Krushna Paksh 16-Sep-2019 सुथन,दोनों काछनी,पीताम्बर सब हरे मलमल के।ठाड़े वस्त्र स्वेत भातवार।पिछवाई सांझी के भाव की,चितराम की।
Tij, 2076, Ashwin, Krushna Paksh 17-Sep-2019 पिछोड़ा लाल पिलो चुंदड़ी को।श्रीमस्तक ग्वाल पगा। ठाड़े वस्त्र हरे।पिछवाई वस्त्र जैसी,चुंदड़ी की।
Choth, 2076, Ashwin, Krushna Paksh 18-Sep-2019 श्रृंगार,आभरण सब इच्छानुसार।
Pancham, 2076, Ashwin, Krushna Paksh 19-Sep-2019 श्री हरिरायजी महाप्रभुजीको उत्सव। श्री हरिरायजी को उत्सव (१६४७)|
Chhath, 2076, Ashwin, Krushna Paksh 20-Sep-2019 सुथन,पटका मेघस्याम किनारी के धोरा के।श्रीमस्तक पे मेघस्याम फेटा।ठाड़े वस्त्र गुलाबी ।पिछवाई चितराम की,पूर्वार्ध के भाव की।
Satam, 2076, Ashwin, Krushna Paksh 21-Sep-2019 मल्ल काच्छ,टिपारा ,गुलाबी मलमल को।ठाड़े वस्त्र मेघस्याम।पिछवाई मल्ल काच्छ,टिपारा के भाव की,दान की।
Atham, 2076, Ashwin, Krushna Paksh 22-Sep-2019 सुथन,दोनों काछनी,पीताम्बर सब पीले मलमल के।ठाड़े वस्त्र स्वेत भातवार।पिछवाई सांझी के भाव की ,चितराम की। श्री महाप्रभुजी के ज्येष्ठ पुत्र श्री गोपीनाथजी के पुत्र श्री पुरुषोत्तमजी को उत्सव (१५८७)|
Navam, 2076, Ashwin, Krushna Paksh 23-Sep-2019 मुकूट काछनी के श्रृंगार
Dasham, 2076, Ashwin, Krushna Paksh 24-Sep-2019 वस्त्र,आभरण सब इच्छानुसार।
Gyaras, 2076, Ashwin, Krushna Paksh 25-Sep-2019 महादान को मनोरथ इन्दिरा एकादशी व्रतम्(महादान)|
Baras, 2076, Ashwin, Krushna Paksh 26-Sep-2019 महाप्रभुजी के ज्येष्ठ पुत्र गोपीनाथजी को उत्सव। श्री महाप्रभुजी के ज्येष्ठ पुत्र श्री गोपीनाथजी को उत्सव(१७६७)|
Teras, 2076, Ashwin, Krushna Paksh 27-Sep-2019 श्री बालकृष्णजी को उत्सव। आज प्रभु के सभी द्वार में हल्दी की सुन्दर बेल बने एवं बंदरवाल बंधे। श्री गुंसाईजी के तीसरे लालजी श्री बालकृष्णजी को उत्सव(१६०६)|
Amavas, 2076, Ashwin, Krushna Paksh 28-Sep-2019 आज प्रभु के कमल चोक में रंगीन कागज़ एवं सुनहरी,रूपहरी पन्नी से कोट मढ़े।कोट में आज द्वारका नगरी को चित्रण होवे। सर्व पितृ अमावस, कोट की आरती और सांझी की समाप्ति |