Attention! Please enable Javascript else website won't work as expected !!

Daily Tippani | Shrinathji Temple, Nathdwara

Tithi Tippani Date Shringar Utsav
Duj, 2076, Shravan, Shukla Paksh 02-Aug-2019 सुथन पटका फिरोजी ,किनारी के धोरा के।श्रीमस्तक पे फिरोजी फेटा।ठाड़े वस्त्र गुलाबी।पिछवाई फिरोजी धोरा की।
Tij, 2076, Shravan, Shukla Paksh 03-Aug-2019 पिछोड़ा व छज्जेदार पाग लाल चोफुली चुंदड़ी के।चुंदड़ी के वस्त्र आज से ही आरम्भ होवे।ठाड़े वस्त्र पिले।पिछवाई श्रृंगार में चोफुली चुंदड़ी की,राजभोग में बदल के चितराम की,बिजली के भाव की लेवे। श्री ठकुरानी तीज
Pancham, 2076, Shravan, Shukla Paksh 05-Aug-2019 पिछोड़ा कोयली,सुनहरी पठानी किनारी को।श्रीमस्तक पे कोयली छज्जेदार पाग,सुनहरी जरी की बाहर की खिड़की की।ठाड़े वस्त्र लाल।पिछवाई चितराम की उर्धभुजा प्राकट्य की।
Chhath, 2076, Shravan, Shukla Paksh 06-Aug-2019 लाल केसरी लहरिया को पिछोड़ा।श्रीमस्तक पे लहरिया को दुमाला।ठाड़े वस्त्र मेघ स्याम।पिछवाई वस्त्र जैसी लहरिया की।
Satam, 2076, Shravan, Shukla Paksh 07-Aug-2019 दोनों काछनी,सुथन,गाती को पटका ,सब धनक को लहरिया के,सुनहरी किनारी के।।ठाड़े वस्त्र स्वेत डोरिया के।पिछवाई चितराम की बड़े मोर की।
Atham, 2076, Shravan, Shukla Paksh 08-Aug-2019 दोनों काछनी,सुथन,पीताम्बर,पिले मलमल के।ठाड़े वस्त्र स्वेत डोरिया के।पिछवाई चितराम की ,मचकी के भाव की।
Navam, 2076, Shravan, Shukla Paksh 09-Aug-2019 दोनों काछनी,सुथन केसरी।काछनी गोल धरावे।श्रीमस्तक पे केसरी टिपारा।गोकर्ण गुलाबी।ठाड़े वस्त्र मेघ स्याम।पिछवाई चितराम की सात स्वरूप के उत्सव की।
Dasham, 2076, Shravan, Shukla Paksh 10-Aug-2019 पिछेड़ा लाल,सुनहरी किनारी को।श्रीमस्तक पे लाल छज्जेदार पाग।ठाड़े वस्त्र पिले।पिछवाई वस्त्र जैसी,लाल।
Gyaras, 2076, Shravan, Shukla Paksh 11-Aug-2019 पिछेड़ा स्वेत,केसर की कोर को।श्रीमस्तक पे स्वेत कूल्हे,सुनहरी किनारी की।ठाड़े वस्त्र लाल।पिछवाई स्वेत डोरिया की,सुनहरी किनारी के धोरा की। पुत्रदा एकादशी व्रतम्,पवित्रा रोपण उत्थापन में याही दिन सात स्वरूप कूूं पवित्रा धरायवे को विशेष उत्सव, नि. ली. गो. ति. १०८ श्री गोविन्दलालजी महाराज कृत
Baras, 2076, Shravan, Shukla Paksh 12-Aug-2019 पिछेड़ा गुलाबी,रूपहरी किनारी को।श्रीमस्तक पे गुलाबी छज्जेदार पाग।ठाड़े वस्त्र हरे।पिछवाई चितराम की,सप्त स्वरूप की,पवित्रा धारण की। गुरून कूूं पवित्रा धरावने