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Daily Tippani | Shrinathji Temple, Nathdwara

Tithi Tippani Date Shringar Utsav
Ekam, 2077, Ashadh, Shukla Paksh 22-Jun-2020 *आषाढ़ शुक्ल पक्ष एकम * श्रृंगार, आभरण सब इच्छानुसार। वस्त्र:-पिछोड़ा शरबती मलमल को,छाप वालो।श्रीमस्तक पे छज्जे दार पाग।पिछवाई शरबती मलमल की,छाप वाली। आभरण:-सब उष्णकाल के,मोती के।छेडान के श्रृंगार। श्रीकर्ण में कर्णफूल, दो जोड़ी।श्रीमस्तक पे जमाव को कतरा।वेणु वेत्र गंगा जमनी ।गोटी हकीक की। अन्य सब नित्य क्रम।
Duj, 2077, Ashadh, Shukla Paksh 23-Jun-2020 *आषाढ शुक्ल पक्ष दुज * श्रृंगार,आभरण इच्छानुसार। वस्त्र:-गुलाबी परदनी ,मलमल की।श्रीमस्तक पे गोल पाग।पिछवाई वस्त्र जैसी गुलाबी। आभरण:-सब मोती के,उष्णकाल के।हल्के श्रृंगार।श्रीकर्ण में मोती के कर्णफूल, एक जोड़ी।मोती को चोलड़ा धरावे।श्रीमस्तक पे क़तरा।वेणु वेत्र चांदी के।गोटी हकीक की छोटी। अन्य सब नित्य क्रम।
Tij, 2077, Ashadh, Shukla Paksh 24-Jun-2020 *आषाढ़ शुक्ल पक्ष तीज * {रथ यात्रा} सभी द्वार में डेली मंढे,बंदरवाल बंधे।जमनाजल की झरीजी। थाली की आरतीे।गेंद चौगान,दिवाला चाँदी के।मोती को चौखटा आवे।राजभोग समय चाँदी को रथ ,प्रभु के सनमुख आवे।आज से छिड़काव,खस के पंखा,जमना जल को थाल,फुवारा आदी सेवा बंद होवे। अभ्यंग। वस्त्र:-पिछोड़ा डोरिया को स्वेत,धोरा को।श्रीमस्तक पे स्वेत कूल्हे,सुनहरी किनारी की।ठाड़े वस्त्र केसरी,डोरिया के।पिछवाई स्वेत सुनहरी किनारी के धोरा की। आभरण:-सब हीरा व उष्णकाल के मिलमा।श्रृंगार बनमाला से दो आगुल उचो।आज हास, चोटी, पायल नहीं आवे।कली, वल्लभी,आदी सब माला आवे।नीचे पदक,ऊपर माला,हार आदी धरावे।श्रीमस्तक पे पाँच मोर चन्द्रिका को जोड़ आवे।वेणु वेत्र हीरा के,एक वेत्र मोती को।पट उष्णकाल को,गोटी मोती की। रथयात्रा।
Choth, 2077, Ashadh, Shukla Paksh 25-Jun-2020 *आषाढ़ शुक्ल पक्ष चतुर्थी * दो समय थाली की आरती उतरे।मंगला में धोरा को आड़बंद धरावे। वस्त्र:-आड़बंद स्वेत चोखाना पे किनारी के धोरा को।श्रीमस्तक पे स्वेत कूल्हे।पिछवाई चितराम की,रथयात्रा के भाव की। आभरण:-सब हीरा के।छेड़ान के श्रृंगार।हास, त्रवल,कड़ा,हस्थशाखला,पायल आदी सब धरावे।श्रीमस्तक पे तीन मोर चन्द्रिका को जोड़।वेणु वेत्र तीनो हीरा के।पट स्वेत,सुनहरी किनारी को,गोटी सोना की राग रंग की। आज से सतुआ,धोवा दाल,श्रीखंडभात, आदी नहीं अरोगे। अन्य सब नित्य क्रम।
Pancham, 2077, Ashadh, Shukla Paksh 26-Jun-2020 ★कसूंभा छठ★ * आषाढ़ शुक्ल पक्ष पंचमी (छट को क्षय होने से आज) * ◆【श्री गोविन्दजी महाराज, ति. श्री इन्द्रदमनजी महाराज को गादी उत्सव】◆ सभी द्वार में हल्दी से डेली मंढे,बंदरवाल बंधे। जमनाजल की झरीजी ।दो समय थाली की आरती उतरे।मंगला में कसुमल उपरना धरावे। वस्त्र:-कसुमल(लाल) पिछोड़ा ,पठानी किनारी को। छज्जेदार पाग।ठाड़े वस्त्र स्वेत भातवार।पिछवाई कशीदा के काम की,कलात्मक। आभरण:-सब उष्णकाल के,मोती के।बनमाला को श्रृंगार।कली, वल्लभी आदी सब माला धरावे।हास, त्रवल नहीं आवे,जड़ाऊ थेगड़ा की बध्धी आवे।दो जोड़ी कर्णफूल मोती के।श्रीमस्तक पे एक मोर चन्द्रिका।वेणु वेत्र तीनो मोती के।पट सुनहरी किनारी को स्वेत,गोटी मोती की।आरसी लाल मखमल की। विशेष सामग्री : दूध घर की हांडी,चालनी,केसरी पेठा,मीठी सेव,गोपी वल्लभ दोहरा,एक जलेबी,एक मनोर को अरोगे। श्री द्वारकाधीश जी को पाटोत्सवः। कसूंभा छठ। षष्ठी पण्डगू। तिलकायित श्री गोविन्दजी महाराज गादी बिराजे सो उत्सव तथा तिलकायित श्री इन्द्रदमन जी(श्री राकेश जी) महाराज गादी बिराजे(2057)।षष्ठी को क्षय हो
Satam, 2077, Ashadh, Shukla Paksh 27-Jun-2020 आषाढ़ शुक्ल पक्ष सप्तमी। श्रृंगार,आभरण सब इच्छानुसार। वस्त्र:-फिरोजी सुथन पटका किनारी के धोरा के।श्रीमस्तक पे फिरोजी फेटा।ठाड़े वस्त्र गुलाबी मलमल के।पिछवाई वस्त्र जैसी फिरोजी धोरा की। आभरण:-सब मोती के,उष्णकाल के।छेड़ान के श्रृंगार।श्रीकर्ण में मोती की लोलक बिंदी।श्रीमस्तक पे बीच की चन्द्रिका व एक क़तरा।वेणु वेत्र गंगा जमनी।पट गोटी बाघ बकरी की। अन्य सब नित्य क्रम।
Atham, 2077, Ashadh, Shukla Paksh 28-Jun-2020 *आषाढ़ शुक्ल पक्ष अष्टमी * श्रृंगार,आभरण सब इच्छानुसार। वस्त्र:-मलकच्छ,टिपारा , सुवापंखी मलमल को।एक पटका आगे,एक कंदराजी पे आवे।ठाड़े वस्त्र चंदनी, मलमल के।पिछवाई चितराम की टिपारा के भाव की । आभरण:-सब मोती के,उष्णकाल के।छेड़ान को श्रृंगार।श्रीकर्ण में मोती के कुंडल।कड़ा,हस्तसाखला,हास आदी सब भारी श्रृंगार वत आवे।श्रीमस्तक पे टिपारा को साज धरावे।वेणु वेत्र तीनो गंगा जमनी।पट गोटी उष्णकाल की,बाघ बकरी की। उत्थापन के पीछे सब वस्त्र,आभरण बड़े करके फूल के श्रृंगार होंगे व विशेष सामग्री अरोगे ।
Navam, 2077, Ashadh, Shukla Paksh 29-Jun-2020 * आषाढ़ शुक्ल पक्ष नवमी * श्रृंगार,आभरण सब इच्छानुसार। वस्त्र:-धोती,पटका केसरी ,प्राचीन सेला वाले।श्रीमस्तक पे छज्जेदार पाग।पिछवाई चितराम की सेहरा के भाव की। आभरण:-सब मोती के,उष्णकाल के।मध्य के श्रृंगार।कली आदी माला आवे।श्रीकर्ण में मोती के कुंडल।श्रीमस्तक पे मोती को सहारा।तुर्री धरावे।वेणु वेत्र झीने लहरिया के,उष्णकाल के।गोटी राग रंग की। अन्य सब नित्य क्रम।
Dasham, 2077, Ashadh, Shukla Paksh 30-Jun-2020 *आषाढ़ शुक्ल पक्ष दसमी * श्रृंगार,आभरण सब इच्छानुसार। शवस्त्र:-अधरंग(गहरी गुलाबी)परदनी लेस वाली।श्रीमस्तक पे गोल पाग।पिछवाई चितराम की,दाख माडपा की। आभरण:-सब हीरा के।हल्के श्रृंगार।श्रीकर्ण में हीरा के कर्णफूल, एक जोड़ी।श्रीमस्तक पे चमकनी गोल चन्द्रिका।वेणु वेत्र चाँदी के।गोटी हकीक की,उष्णकाल की। अन्य सब नित्य क्रम। बैंगन दशमी।
Gyaras, 2077, Ashadh, Shukla Paksh 01-Jul-2020 *आषाढ़ शुक्ल पक्ष ग्यारस * {मुकूट काछनी को श्रृंगार} या ऋतू को प्रथम मुकूट को श्रृंगार।छेलो कली को श्रृंगार | वस्त्र:-गुलाबी काछनी,फिरोजी हाशिया की।सुथन गुलाबी।पीताम्बर गुलाबी,फिरोजी हाशिया को।ठाड़े वस्त्र स्वेत डोरिया के।पिछवाई वस्त्र जैसी । आभरण:-सब मोती के,उष्णकाल के।बनमाला को श्रृंगार।कली आदी सब माला धरावे।श्रीमस्तक पे मोती को मुकूट व टोपी आवे।वेणु वेत्र तीनो गंगा जमनी।गोटी हकीक की बड़ी। उत्थापन के पीछे सब वस्त्र,आभरण बड़े करके फूल के श्रृंगार होंगे व विशेष सामग्री अरोगे । अन्य सब नित्य क्रम। जुलाई, देवशयनी एकादशी व्रतम्‌। चातुर्मास्य नियमारम्भः। कली के शृंगार पूर्ण।
Baras, 2077, Ashadh, Shukla Paksh 02-Jul-2020 *आषाढ़ शुक्ल पक्ष बारस * श्रृंगार,आभरण सब इच्छानुसार। वस्त्र:-परदनी गुलाबी,हाशिया आसमानी को।श्रीमस्तक पे गुलाबी छज्जेदार पाग ।पिछवाई वस्त्र जैसी,हाशिया की। आभरण:-सब उष्णकाल के,मोती के।हल्के श्रृंगार।श्रीकर्ण में मोती के कर्णफूल, एक जोड़ी।श्रीमस्तक पे तुर्रा।वेणु वेत्र झीने लहरिया के।गोटी हकीक की। अन्य सब नित्य क्रम।
Teras, 2077, Ashadh, Shukla Paksh 03-Jul-2020 **आषाढ़ शुक्ल पक्ष तेहरस * {ऋतू को अन्तिम आड़बंद के श्रृंगार} वस्त्र:-स्वेत आड़बंद बिना किनारी को।श्रीमस्तक पे गोल पाग छोर वाली ।पिछवाई स्वेत बिना किनारी की। आभरण:-सब उष्णकाल के,मोती के।हल्के श्रृंगार।श्रीकर्ण में मोती के कर्णफूल, एक जोड़ी।श्रीमस्तक पे स्वेत खंडेला ।वेणु वेत्र चाँदी के।गोटी हकीक की छोटी। अन्य सब नित्य क्रम।
Chaudash, 2077, Ashadh, Shukla Paksh 04-Jul-2020 * आषाढ़ शुक्ल पक्ष चतुर्दशी * {ऋतू की छेलो परदनी} वस्त्र:-स्वेत परदनी, बिना किनारी की।श्रीमस्तक पे स्वेत फेटा,स्याम झाई को।पिछवाई स्वेत बिना किनारी की। आभरण:-सब मोती के,उष्णकाल के।। हल्के श्रृंगार।सब आभरण लड़ के आवे।बद्दी मोती के लड़ की।श्रीकर्ण में मोती के झुमका वाले कर्णफूल एक जोड़ी।श्रीमस्तक पे मोर को दोहरा क़तरा।वेणु वेत्र गंगा जमनी।गोटी बड़ी हकीक की। सांय भोग में गोवेर्धन माला व वनमाला आवे। अन्य सब नित्य क्रम।
Punam, 2077, Ashadh, Shukla Paksh 05-Jul-2020 *आषाढ़ की पूनम * (गुरु पूर्णिमा) सभी द्वार में हल्दी से डेली मंढे,बंदरवाल बंधे। जमना जल की झरीजी आवे।दो समय थाली की आरती।मंगला में चुंदड़ी को उपरना धरावे।राजभोग में मोती को चौखटा आवे। वस्त्र:- छोटी काछनी लाल एकदानी चुंदड़ी की,रूपहरी किनारी की,बड़ी काछनी स्याम,सुनहरी किनारी की।सुथन,पीताम्बर लाल चुंदड़ी के।ठाड़े वस्त्र स्वेत डोरिया के।पिछवाई चितराम की,आषाढ़ी की। आभारन:-सब उष्णकाल के,मोती के।बनमाला को श्रृंगार।हास, त्रवल नहीं आवे,बध्धी धरावे।टोपी,मुकूट मोती को।वेणु वेत्र तीनो मोती के।पट सुनहरी किनारी को स्वेत,गोटी मोती की। विशेष भोग में,दूध घर की हांडी,फीका में चालनी,गोपी वल्लभ में चिरोंजी के नग, कचोरी,छुक्यो दही,मीठी सेव,केसरी पेठाआदी सामग्री अरोगे। पर्वात्मक उत्सव चातुर्मास्य नियमारम्भः। एकादशी कूं न भयो होय तो द्वादशी अथवा पूर्णिमा के दिन करनो तामे पूर्णिमा मुख्य। इष्टिः।