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Daily Tippani | Shrinathji Temple, Nathdwara

Tithi Tippani Date Shringar Utsav
Ekam, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 17-Oct-2020 ऐच्छिक इष्टिः। नवरात्रारम्भः, मातामह श्राद्ध।
Duj, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 18-Oct-2020 ऐच्छिक
Tij, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 19-Oct-2020 ऐच्छिक
Choth, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 20-Oct-2020 ऐच्छिक श्री दामोदरजी (श्री दाऊजी) महाराज को उत्सव (दुहेरा मनोरथ) (1954)।
Pancham, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 21-Oct-2020 ऐच्छिक सरस्वती पूजनारम्भः।
Chhath, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 22-Oct-2020 ऐच्छिक
Satam, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 23-Oct-2020 ऐच्छिक
Atham, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 24-Oct-2020 ऐच्छिक सरस्वती विसर्जनम्‌।
Navam, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 25-Oct-2020 *आसोज शुक्ल पक्ष नवमी 25-ऑक्टोम्बर-2020* {दशहरा को उत्सव } -प्रभु के फुलेल, आंवला व केसर युक्त चन्दन से अभ्यंग होता है। आज से मंगला में दत्तू धराया जाता है। आज से आरती के तीनों खंडो में बाती सजे। आज से वस्त्र के अंदर 'ख़ासा का'(आत्म सुख) धराया जाता है।ठाड़े वस्र दरियाई धराए जाते हैं।शयन के दर्शन आज से खुले। वस्त्र:-घेरदार बागा,चोली,छज्जेदार चीरा ये सब रूपहरी जरी के।पटका सुनहरी जरी को।सुथन लाल सली दार जरी की।ठाड़े वस्त्र हरे दरियाई के।पिछवाई हरी धरती पे सुनहरी बेल बूटा की। आभरण:-सब उत्सव के। बनमाला को श्रृंगार। प्रधानता माणक की। चीरा पे माणक को पट्टीदार सिरपेच धरावे। कस्तूरी,कली वल्लभीआदि माला धरावे।वेणु वेत्र माणक के,एक हीरा को।जड़ाऊ शस्त्र की पेटी आवे ।जड़ाऊ कटार धरावे।किलंगी नवरत्न की।श्रीमस्तक पे मोर चन्द्रिका सादा। आरसी श्रृंगार में चारझाड़ की। विशेष:-आज भोग के दर्शन में जवारा धरावे। पहले श्री के तिलक अक्षत होव, बीड़ा पधरावे, फिर मोर चंद्रिका बड़ी करके जावरा धरावे। सामग्री:-गोपी वल्लभ में मनोर,सकड़ी में केसर युक्त पेठा व मीठी सेव ।फीका ,थपड़ी आज से बंद। कंद, रतालू आदि शुरू। दूध घर की केसर युक्त बासुंदी आरोगे। दशहरा (विजयादशमी)।
Dasham, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 26-Oct-2020 *आसोज शुक्ल पक्ष दसमी 26-ऑक्टोम्बर-2020 * {दशहरा के परचारगी श्रृंगार -श्री मुरलीधरजी को उत्सव} वस्त्र:-घेरदार बागा,चोली,छज्जेदार चीरा ये सब रूपहरी जरी के।पटका सुनहरी जरी को।सुथन लाल सली दार जरी की।ठाड़े वस्त्र हरे दरियाई के।पिछवाई हरी धरती पे सुनहरी बेल बूटा की। आभरण:-सब नित्य के उत्सव वत। बनमाला को श्रृंगार। प्रधानता माणक की। कस्तूरी,कली आदि सब माला धरावे।चार कर्ण फूल माणक के।वेणु वेत्र माणक के।किलंगी नवरत्न की।श्रीमस्तक पे काशी को तुर्रा सादा। आरसी सोना की।गेंद,चौगान,दिवला सोना के। अन्य सब नित्य क्रम। श्री गिरधरजी के प्रथम लालजी श्री मुरलीधरजी को उत्सव।
Gyaras, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 27-Oct-2020 आसोज शुक्ल पक्ष ग्यारस 27-ऑक्टोम्बर-2020* मुकूट काछनी श्रंगार। पाशांकुशा एकादशी व्रतम्‌।
Baras, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 28-Oct-2020 *आसोज शुक्ल पक्ष बारस 28-ऑक्टोम्बर-2020 * { दसमी के प्रतिनिधी के श्रृंगार } वस्त्र:- सफ़ेद कारचोव के ,घेरदार बागा, चोली,सुथन पिछवाई आवे। पटका मलमल को ।किनारी सुनहरी।चीरा(छज्जेदार पाग) वस्त्र जेसी।अनोसर में चीरा बड़ो करके पाग धरानी।ठाड़े वस्त्र लाल दरियाई के। आभरण:-सब पन्ना के।चार माला ।हल्के श्रृंगार। श्रीमस्तक पे लूम की किलंगी सुनहरी।श्रीकर्ण में पन्ना के कर्णफूल । वेणु वेत्र हरे मीना के। अन्य सब नित्य नियम।
Teras, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 29-Oct-2020 *आसोज शुक्ल पक्ष तेहरस 29-ऑक्टोम्बर-2020 * {मुकूट काछनी को श्रृंगार} -वस्त्र,आभरण इच्छानुसार- वस्त्र:-केसरी जरी के दोनों काछनी व सुथन ।पीताम्बर मलमल को केसरी।चोली स्याम सुतरु। ठाड़े वस्त्र सफ़ेद जामदानी के। पिछवाई शरद के भाव की चित्राम की। आभरण:- सब मोती के।बनमाला को श्रृंगार। कुंडल मयूरा कृत हीरा के।कली,कस्तूरी व कमल माला धरावे। मुकूट टोपी डॉख की।आरसी कांच के कलात्मक काम की बावा साहब वाली।वेणु वैत्र चाँदी के।पट सफेद,गोटी मोर की। अन्य सब नित्य क्रम। श्री बालकृष्णजी को पाटोत्सवः।
Chaudash, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 30-Oct-2020 आसोज की चोहदस 30-ऑक्टोम्बर-2020* -:शरद को उत्सव:- सभी द्वार में हल्दी से डेली बनाई जाती है ,आसापाला के पत्तो की बन्दर वाल बांधी जाती है।चंदन ,आंवला, फुलेल से अभ्यंग होव। वस्त्र:-छोटी काछनी व सुथन सुनहरी जरी की।बड़ी काछनी रूपहरी। चोली मेघ स्याम दरियाई(रेशम)की।पीताम्बर लाल दरियाई को।ठाड़े वस्त्र सफ़ेद डोरिया के ।पिछवाई चित्राम की महारास के भाव की। पीठक पे जरी को रूपहरी दत्तू ओढ़े। मंगला में स्वेत उपरना धरावे। आज चोटीजी नहीं आवे। गादी तकिया सब सफेद लट्ठा के। आभरण:-सब उत्सव के।हीरा की प्रधानता चोटिजी।मुकूट टोपी हीरा की।चोटी जी नहीं आवे।वेणु वेत्र हीरा के।। आरसी श्रृंगार में चार झाड़ की, राजभोग में शरद की डाड़ी की। पट उत्सव को गोटी जड़ाऊ।हीरा को चौखटा आवे। सामग्री:- मानोर के नग को ,दूध घर की केसर यक्त बासोदि की हाडी। रसोई में केसर युक्त पेठा, मीठी सेव,स्याम खटाई, कचहरिया आदि। विशेष:-आनोसर में सफेदी बिछे। बीच मे सांगामची पधरानी। पटिया पे आनोसर भोग आवे। भोग में फैनी,गुजिया,कचोरी,दही बड़ा,दूध घर को साज(बासोदि,पेड़ा, बर्फी,खट्टे-मीठे दही, दूध पूड़ी आदि),शाग घर की सामग्री,सभी तरह के फल, तले मेवा आदी। शरद पूर्णिमा (रासोत्सवः)।
Punam, 2077, Ashwin, Shukla Paksh 31-Oct-2020 * आसोज की पूर्णिमा 31-ऑक्टोम्बर-2020* {शरद पूनम के परचारगी श्रृंगार} वस्त्र,आभरण, पिछवाई,ठाड़े वस्त्र आदी सब काल के। वस्त्र:-छोटी काछनी व सुथन सुनहरी जरी की।बड़ी काछनी रूपहरी। चोली मेघ स्याम दरियाई(रेशम)की।पीताम्बर लाल दरियाई को।ठाड़े वस्त्र सफ़ेद डोरिया के ।पिछवाई चित्राम की महारास के भाव की।पीठक पे जरी को रूपहरी दत्तू ओढ़। चोटिजी नहीं आवे।गादी तकिया सब सफ़ेद लट्ठा के आवे। आभरण:-सब उत्सव के।हीरा की प्रधानता। बनमाला के श्रृंगार।श्रीमस्तक पे हीरा के टोपी, मुकुट।श्रीकर्ण में हीरा के कुण्डल टोपी हीरा की। वेणु वेत्र हीरा के। पट जरी को, गोटी जड़ाऊ।आरसी चार झाड़ की। विशेष:- आज आरती के पीछे ,सब आभरण,वस्त्र बड़े करके मलमल को तारा को उपरना धरावे। हीरा के छेड़ान के श्रृंगार धरावे।पाग सफ़ेद ,स्याम भीतर की खिड़की की धरावे। श्रीमस्तक पे लूम तुर्रा रूपहरी। शयन के दर्शन बाहर खुले।पिछवाई स्वेत तारा की। आज गोपी वल्लभ में बुदी के बड़े नग आवे। कार्तिक स्नानारम्भः।