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Daily Tippani | Shrinathji Temple, Nathdwara

Tithi Tippani Date Shringar Utsav
Ekam, 2077, Shravan, Shukla Paksh 21-Jul-2020 *श्रावण शुक्ल पक्ष एकम * वस्त्र:-हरा,सफ़ेद लहरिया को पिछोड़ा।श्रीमस्तक पे लहरिया की छज्जेदार पाग।ठाड़े वस्त्र लाल।पिछवाई वस्त्र जैसी हरे लहरिया की। आभरण:-सब माणक के।छेड़ान को श्रृंगार।श्रीमस्तक पे जमाव को क़तरा।कमल माला धरावे।वेणु वेत्र झीने लहरिया के एक सोना को। अन्य सब नित्य क्रम। इष्टिः।
Duj, 2077, Shravan, Shukla Paksh 22-Jul-2020 *श्रावण शुक्ल पक्ष दुज * श्रृंगार, आभरण सब इच्छानुसार। वस्त्र:-लाल पिलो लहरिया को पिछोड़ा।श्रीमस्तक पे लहरिया को दुमाला।ठाड़े वस्त्र मेघ स्याम।पिछवाई वस्त्र जैसी लहरिया की। आभरण:-सब फिरोजा के।मध्य को श्रृंगार।श्रीकर्ण में लोलक बिंदी।श्रीमस्तक पे कलगा(भीमसेनी क़तरा)।वेणु वेत्र लहरिया के मीना के। पट लाल ,गोटी बाघ बकरी की। अन्य सब नित्य क्रम।
Tij, 2077, Shravan, Shukla Paksh 23-Jul-2020 *श्रावण शुक्ल पक्ष तीज * {ठकुरानी तीज} सभी द्वार में हल्दी से डेली मंढे,बंदरवाल बंधे। जमना जल की झारीजी ।चारो समय थाली की आरती उतरे।गेंद चौगान,दिवला सोना के।मंगला के दर्शन पीछे प्रभु के अभ्यंग होवे। वस्त्र:-पिछोड़ा व छज्जेदार पाग लाल चोफुली चुंदड़ी के।चुंदड़ी के वस्त्र आज से ही आरम्भ होवे।ठाड़े वस्त्र पिले।पिछवाई चितराम की। आभरण:-सब उत्सव के,हीरा के।बनमाला को श्रृंगार।हीरा, पन्ना,मानक मोती के हार,माला,दुलड़ा धरावे।कस्तूरी,कली आदी सब माला आवे।कर्ण फूल चार हीरा के।श्रीमस्तक पे एक मोर चन्द्रिका।वेणु वेत्र तीनो हीरा के।पट उत्सव को,गोटी जड़ाऊ।आरसी चार झाड़ की। विशेष में गोपी वल्लभ में चिरोंजी के बड़े नग। सकड़ी में केसरी पेठा,मीठी सेव आदी अरोगे। सायं कलकती कांच के हिंडोलाना में झूले। ठकुरानी तीज मधुस्रवा।
Choth, 2077, Shravan, Shukla Paksh 24-Jul-2020 *श्रावण शुक्ल पक्ष चतुर्थी * --दोहरा मल्लकच्छ को श्रृंगार-- वस्त्र:-आगे को पटका, एक कंदराजी को पटका, एक कच्छ, टिपारा ,ये सब लाल,पिली चुंदड़ी के।दुसरो कंदराजी को पटका, दुसरो कच्छ स्याम,सफेद चुंदड़ी के।ठाड़े वस्त्र गुलाबी।पिछवाई चितराम की,बंसरी के मोर की। आभरण:-सब सोना के।श्री कंठ के श्रृंगार छेड़ान के,बाकी सब भारी श्रृंगार वत।कमल माला धरावे।श्रीमस्तक पे टिपारा को साज।चोटीजी नहीं आवे।वेणु वेत्र लाल मीना के,एक सोना को।पट लाल ,गोटी चाँदी की बाघ बकरी की।
Pancham, 2077, Shravan, Shukla Paksh 25-Jul-2020 *श्रावण शुक्ल पक्ष पंचमी {*नाग पांचम*-*उर्ध भुजा प्राकट्य को श्रृंगार*} वस्त्र:-पिछोड़ा कोयली,सुनहरी पठानी किनारी को।श्रीमस्तक पे कोयली छज्जेदार पाग,सुनहरी जरी की बाहर की खिड़की की।ठाड़े वस्त्र लाल।पिछवाई चितराम की उर्धभुजा प्राकट्य की। आभरण:-सब मोती के।मध्य को श्रृंगार।चार कर्ण फूल आवे।त्रवल नहीं आवे,बध्धी धरावे।श्रीमस्तक पे जमाव को क़तरा,डाँख को व लूम,तुर्री सुनहरी।कली की माला धरावे।पट कोयली,गोटी चाँदी की। विशेष में सेव की खीर अरोगे। नाग पंचमी।
Chhath, 2077, Shravan, Shukla Paksh 26-Jul-2020 * आगम के श्रृंगार * श्रावण शुक्ल पक्ष छट * वस्त्र:-पिछेड़ा लाल,सुनहरी किनारी को।श्रीमस्तक पे लाल छज्जेदार पाग।ठाड़े वस्त्र पिले।पिछवाई वस्त्र जैसी,लाल। आभरण:-सब पन्ना के।छेड़ान के श्रृंगार।कमल माला धरावे। श्रीकर्ण में पन्ना के कर्णफूल, दो जोड़ी।श्रीमस्तक पे मोर चन्द्रिका।वेणु वेत्र हरे मीना के,एक सोना को।पट लाल,गोटी सोना की छोटी।आरसी श्रृंगार में सोना की। अन्य सब नित्य क्रम।
Satam, 2077, Shravan, Shukla Paksh 27-Jul-2020 *श्रावण शुक्ल पक्ष सातम * {बगीचा को मनोरथ} सभी द्वार में हल्दी से डेली मंढे,बंदरवाल बंधे।दो समय थाली की आरती उतारे। गेंद,चौगान,दिवला सोना के। वस्त्र:-दोनों काछनी,सुथन,गाती को पटका ,सब धनक को लहरिया के,सुनहरी किनारी के।।ठाड़े वस्त्र स्वेत डोरिया के।पिछवाई चितराम की बड़े मोर की। आभरण:-सब उत्सव के।हीरा की प्रधानता।बनमाला को श्रृंगार।हास, त्रवल नहीं आवे,हीरा की बध्धी धरावे। श्रीकर्ण में हीरा के कुंडल।मुकूट मोर वालो।।कली, कस्तूरी आदी सब माला आवे।मुकूट पे माणक को सिरपेच धरावे।वेणु वेत्र हीरा के।आरसी चार झाड़ की। हिंडोलना हरो,बगीचा को।हिंडोलना में विशेष भोग आवे।
Navam, 2077, Shravan, Shukla Paksh 28-Jul-2020 *श्रावन शुक्ल पक्ष नवमी * वस्त्र:-दोनों काछनी,सुथन,पीताम्बर,पिले मलमल के।ठाड़े वस्त्र स्वेत डोरिया के।पिछवाई चितराम की ,मचकी के भाव की। आभरण:-सब फिरोजा के।बनमाला को श्रृंगार।कली, कस्तूरी व कमल माला धरावे।चोटीजी मीना की आवे।श्रीमस्तक पे सिलमा सितारा को मुकूट,टोपी आवे।श्रीकर्ण में फ़िरोज़ा को कुण्डल।पट पिलो,गोटी मोर वाली। अन्य सब नित्य क्रम।
Dasham, 2077, Shravan, Shukla Paksh 29-Jul-2020 *श्रावण शुक्ल पक्ष दसमी * -{नि.ली.गो.ति श्री गोविन्द लाल जी महाराज कृत सात स्वरूप को उत्सव}- सभी द्वार में हल्दी से डेली मंढे,बंदरवाल बंधे।सभी समय जमना जल की झारीजी आवे।थाली की आरती ।गेंद चौगान,दिवला सोना के। वस्त्र:-दोनों काछनी,सुथन केसरी।काछनी गोल धरावे।श्रीमस्तक पे केसरी टिपारा।गोकर्ण गुलाबी।ठाड़े वस्त्र मेघ स्याम।पिछवाई चितराम की सात स्वरूप के उत्सव की। आभरण:-सब उत्सव के,हीरा की प्रधानता।बनमाला को श्रृंगार।हीरा, पन्ना,मानक मोती के हार,माला,दुलड़ा धरावे।श्रीकर्ण में हीरा के कुण्डल आवे।कस्तूरी,कली आदी सब माला आवे।श्रीमस्तक पे सुनहरी घेरा आवे।वेणु वेत्र तीनो हीरा के।पट उत्सव को,गोटी सोना के बाघ बकरी की।आरसी चार झाड़ की। सात स्वरूप को उत्सव। नित्य लीलास्थ गोस्वामी तिलकायित 108 श्री गोविन्दलालजी महाराज कृत।
Gyaras, 2077, Shravan, Shukla Paksh 30-Jul-2020 *श्रावन शुक्ल पक्ष ग्यारस * {पवित्रा एकादसी} सभी द्वार में हल्दी से डेली मंढे,बंदरवाल बंधे।सभी समय जमना जल की झारीजी आवे। थाली की आरती उतरे।गेंद चौगान,दिवला सोना के। अभ्यंग होवे।मुढ्ढा, पेटी,दिवालगिरी आदि पे कशीदा को साज चढ़े। वस्त्र:-पिछेड़ा स्वेत,केसर की कोर को।श्रीमस्तक पे स्वेत कूल्हे,सुनहरी किनारी की।ठाड़े वस्त्र लाल।पिछवाई स्वेत डोरिया की,सुनहरी किनारी के धोरा की। आभरण:-सब उत्सव के,हीरा की प्रधानता।बनमाला से दो आगुल उचो श्रृंगार।हीरा, पन्ना,मानक मोती के हार,माला,दुलड़ा धरावे। श्रीकर्ण में हीरा के कुंडल।कली की माला आवे।श्रीमस्तक पे तीन मोर चन्द्रिका को जोड़आवे।वेणु वेत्र तीनो हीरा के।पट उत्सव को,गोटी सोना के जाली की।आरसी चार झाड़ की। पवित्रा को अधिवासन होवे।प्रभु को पवित्रा धरावे।झालर,घंटा,शंख बजे।अधकि भोग में छुट्टीबूंदी,सकरपारा,दुधघर को साज,चालनी, फलफूल सभी घरों की मिसरी आदि अरोगे।धूपे दिप,शंखोदक होवे। विशेष भोग में फीका में चालनी,सकड़ी में केसरी पेठा,मीठी सेव आदी दोहरा अरोगे गोपी वल्लभ मे मेवा बाटी व मन मनोहर अरोगे। पुत्रदा एकादशी व्रतम्‌। पवित्रारोपणं प्रातः शृंगार में याही दिन सात स्वरूप कूं पवित्रा धरावे को विशेष उत्सव। नित्य लीलास्थ गोस्वामी तिलकायित 108 श्री गोविन्दलाल जी महाराज कृत।
Baras, 2077, Shravan, Shukla Paksh 31-Jul-2020 *श्रावण शुक्ल पक्ष बारस * वस्त्र:-पिछेड़ा गुलाबी,रूपहरी किनारी को।श्रीमस्तक पे गुलाबी छज्जेदार पाग।ठाड़े वस्त्र हरे।पिछवाई चितराम की,सप्त स्वरूप की,पवित्रा धारण की। आभरण:-सब पन्ना के। श्रृंगार मध्य से दो आगुल ऊपर।एक कली की माला आवे।कर्ण फूल चार पन्ना के।श्रीमस्तक पे चमकनी चन्द्रिका पन्ना वाली।वेणु वेत्र पन्ना के,एक सोना को।पट गुलाबी,गोटी सोना की छोटी।आरसी श्रृंगार में लाल मखमल की,राजभोग में सोना के डाँड़ी की। आज गुरु कु पवित्रा धरावे। सायं पवित्रा के हिंडोलाना में झूले। अन्य सब नित्य क्रम। गुरुओं को पवित्रा धराना।
Teras, 2077, Shravan, Shukla Paksh 01-Aug-2020 *श्रावण शुक्ल पक्ष तेहरस * 01-Aug-2020* {चतरा नागा के श्रृंगार} वस्त्र:-दोनों काछनी,सुथन,पीताम्बर,लाल सफेद लहरिया के।ठाड़े वस्त्र स्वेत डोरिया के।पिछवाई चितराम की हिंडोलाना के भाव की। आभरण:-सब मोती के।बनमाला को श्रृंगार।कली, कस्तूरी व कमल माला धरावे।चोटीजी नहीं आवे।श्रीमस्तक पे सुनहरी सिलमा सितारा को मुकूट,टोपी आवे।वेणु वेत्र झीने लहरिया के,एक सोना को।पट लाल,गोटी मीना वाली।विशेष में किकोडा व सीरा अरोगे। अन्य सब नित्य क्रम।
Chaudash, 2077, Shravan, Shukla Paksh 02-Aug-2020 *श्रावण शुक्ल पक्ष चतुर्दशी * 02-Aug-2020 * {ति. श्री बिठ्ठलेशराय जी को उत्सव} सभी द्वार में हल्दी से डेली मंढे,बंदरवाल बंधे।सभी समय जमना जल की झरीजी आवे। वस्त्र:-पिछोड़ा पिलो,रूपहरी पठानी किनारी को।श्रीमस्तक पे पिली कूल्हे।ठाड़े वस्त्र लाल।पिछवाई वस्त्र जैसी पिली। आभरण:-सब माणक के।मध्य से दो आगुल उचो श्रृंगार।हास त्रवल नहीं आवे,बध्धी धरावे।श्रीकर्ण में माणक के कुंडल ।श्रीमस्तक पे सुनहरी घेरा।कली की माला धरावे।वेणु वेत्र माणक के। पट पिलो,गोटी स्याम मीना की। गोपी वल्लभ में जलेबी,हाँड़ी अरोगे।फीका में चालनी। अन्य सब नित्य क्रम।
Punam, 2077, Shravan, Shukla Paksh 03-Aug-2020 *श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा *03-Aug-2020 - {रक्षा बंधन} -(गो.ति. श्री दामोदरजी महाराज (1632) को उत्सव)- सभी द्वार में हल्दी से डेली मंढे,बंदरवाल बंधे।सभी समय जमना जल की झारीजी आवे।चारो समय थाली की आरती उतरे। अभ्यंग। आज से नवमी तक आगे की सफेदी नहीं चढ़े।तकिया लाल मखमल के। वस्त्र:-पिछोड़ा लाल,रूपहरी पठानी किनारी को।श्रीमस्तक पे छज्जेदार पाग,चिल्ला वाली।ठाड़े वस्त्र पिले।पिछवाई वस्त्र जैसी लाल। आभरण:-सब उत्सव के,हीरा की प्रधानता।मध्य से दो आगुल उचो श्रृंगार।हीरा, पन्ना,मानक मोती के हार,माला,दुलड़ा धरावे। श्रीकर्ण में कर्ण फूल दो जोड़ी।कली की माला आवे।श्रीमस्तक पे मोर चन्द्रिका आवे।वेणु वेत्र तीनो हीरा के।पट उत्सव को,गोटी जड़ाऊ।आरसी चार झाड़ की। राखी धरावे।झालर,घंटा,शंख बजे।प्रभु के तिलक अक्षत करके राखी धरावे।फिर सभी स्वरूप के राखी धरावे। विशेष:- दुधघर की हाँड़ी,गुलपापड़ी,कतला, कच्चर,चालनी आवे।गोपिवल्लभ में जलेबी।फीका में चालनी,केसरी पेठा,मीठी सेवादी। सायं कांच के हिंडोलाना में झूले। अनोसर में अत्तर दान,मिठाई को थाल,चोपड़ा,चार बीड़ा,आरसी आदी आवे। रक्षाबन्धनं सायं उत्थापन में, गुसांई जी के ज्येष्ठ पुत्र श्री गिरधरजी के लालजी श्री दामोदरजी महाराज को उत्सव 1632, ऋग्वेदीन की श्रावणी, आपस्तम्भ, हिरण्य केशीय, बोधायन काण्व माध्यन्दिन प्रभृति, सर्व यजुर्वेदीन तथा अथर्ववेदीन की श्रावणी।